सुनहरे अक्षरों में लिखा एक दिन: हमारे कप्तानों, रोहित और हरमनप्रीत के नाम ‘पद्म श्री’
26 जनवरी 2026 की सुबह कुछ अलग ही एहसास लेकर आई। जब देशभर में तिरंगा फहराया जा रहा था, तब खेल प्रेमियों के दिलों में गर्व की एक नई लहर दौड़ रही थी। भारत सरकार ने घोषणा की कि हमारे दो महान कप्तानों – रोहित शर्मा और हरमनप्रीत कौर – को देश के चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मान, ‘पद्म श्री’ से नवाज़ा जाएगा।
यह सिर्फ एक मेडल या सर्टिफिकेट की बात नहीं है; यह उस जुनून और रूह का सम्मान है जिसे इन दोनों ने 22 गज की पिच पर झोंक दिया है।
“हिटमैन” और “कौर” का दबदबा
आखिर उन्हें यह सम्मान क्यों मिला? अगर आपने पिछले दो सालों में भारतीय क्रिकेट देखा है, तो आपको जवाब पता है।
- रोहित शर्मा: बरसों के इंतज़ार के बाद, रोहित ने अपनी कप्तानी में भारत को 2024 टी20 वर्ल्ड कप और फिर 2025 चैंपियंस ट्रॉफी में ऐतिहासिक जीत दिलाई। रोहित ने केवल कप्तानी नहीं की, बल्कि टीम को ‘निडर’ होना सिखाया। जब “हिटमैन” यह सम्मान लेंगे, तो वह करोड़ों प्रशंसकों की तरफ से उस निस्वार्थ बल्लेबाजी के लिए एक “शुक्रिया” होगा।
- हरमनप्रीत कौर: हरमन का सफर हमेशा मुश्किल दीवारों को तोड़ने का रहा है। साल 2025 में उन्होंने वह कर दिखाया जिसका सपना हर भारतीय देखता था—अपनी कप्तानी में भारतीय महिला टीम को पहली बार वनडे वर्ल्ड कप का चैंपियन बनाया। उनका ‘पद्म श्री’ उनकी उस जिद और मेहनत का प्रमाण है जिसने महिला क्रिकेट को भारत के कोने-कोने तक पहुँचाया।

दिग्गजों की फेहरिस्त में शामिल
‘पद्म श्री’ एक ऐसा क्लब है जिसमें शामिल होना हर खिलाड़ी का सपना होता है। रोहित और हरमन अब उन दिग्गजों की कतार में खड़े हो गए हैं जिन्होंने भारतीय क्रिकेट की दिशा बदली है।
इससे पहले यह सम्मान इन हस्तियों को मिल चुका है:
- सचिन तेंदुलकर और कपिल देव: जिन्होंने भारत को बड़े सपने देखना और जीतना सिखाया।
- एमएस धोनी और विराट कोहली: जिन्होंने फिटनेस और विश्व स्तर पर दबदबा बनाने की नई परिभाषा लिखी।
- मिताली राज और झूलन गोस्वामी: जिन्होंने उस रास्ते को बनाया जिस पर चलकर आज हरमनप्रीत और उनकी टीम विश्व विजेता बनी।
सरकार यह पुरस्कार उन लोगों को देती है जो केवल खिलाड़ी नहीं, बल्कि ‘राष्ट्रीय प्रतीक’ बन जाते हैं और लाखों बच्चों को कुछ बड़ा करने की प्रेरणा देते हैं।
अहसास जो दिल को छू जाए
इस पल को जो चीज़ खास बनाती है, वह है इसके पीछे की मानवीय भावना। जब रोहित और हरमन को यह खबर मिली, तो यह सिर्फ उनकी जीत नहीं थी, बल्कि उन गलियों और मैदानों की जीत थी जहाँ से उन्होंने शुरुआत की थी।
रोहित के लिए, जो अपने करियर के उस पड़ाव पर हैं जहाँ वह एक लेजेंड बन चुके हैं, यह सम्मान उनके समर्पण का सबसे खूबसूरत तोहफा है। वहीं हरमनप्रीत के लिए, यह उन सभी लड़कियों की जीत है जिन्हें कभी कहा जाता था कि “क्रिकेट लड़कियों का खेल नहीं है।”
गौरव का यह सफर जारी है
सिर्फ क्रिकेट ही नहीं, टेनिस दिग्गज विजय अमृतराज (पद्म भूषण) और हॉकी की दीवार सविता पूनिया को भी सम्मानित किया गया है। यह भारतीय खेलों का वह स्वर्ण युग है जहाँ मेहनत को सही पहचान मिल रही है।
एक प्रशंसक के तौर पर, रोहित और हरमन को पद्म श्री से सम्मानित होते देखना हमें याद दिलाता है कि ट्रॉफियां तो अलमारियों में सजती हैं, लेकिन देश की सेवा का गौरव हमेशा लोगों के दिलों में ज़िंदा रहता है।
FAQ:
रोहित शर्मा को पद्म श्री क्यों दिया गया?
रोहित शर्मा को भारतीय क्रिकेट में उनके शानदार योगदान के लिए पद्म श्री दिया गया, जिसमें उनकी कप्तानी में भारत की 2024 टी20 वर्ल्ड कप और 2025 चैंपियंस ट्रॉफी जीत शामिल है।
हरमनप्रीत कौर को पद्म श्री क्यों मिला?
हरमनप्रीत कौर को भारतीय महिला टीम को 2025 में पहली बार वनडे वर्ल्ड कप जिताने और महिला क्रिकेट को नई पहचान दिलाने के लिए यह सम्मान मिला।
पद्म श्री पुरस्कार क्या होता है?
पद्म श्री भारत का चौथा सर्वोच्च नागरिक सम्मान है, जो खेल, कला, विज्ञान और समाज सेवा जैसे क्षेत्रों में असाधारण योगदान के लिए दिया जाता है।
किन-किन क्रिकेटरों को पहले पद्म पुरस्कार मिल चुका है?
सचिन तेंदुलकर, कपिल देव, एमएस धोनी, विराट कोहली, मिताली राज और झूलन गोस्वामी जैसे कई दिग्गज क्रिकेटरों को पद्म पुरस्कार मिल चुका है।
रोहित और हरमन को पद्म श्री की घोषणा कब हुई?
रोहित शर्मा और हरमनप्रीत कौर को पद्म श्री देने की घोषणा 26 जनवरी 2026 को गणतंत्र दिवस के दिन की गई।


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