इंग्लैंड क्रिकेट के इतिहास में अगर किसी एक बल्लेबाज़ ने पिछले एक दशक में निरंतरता, तकनीक और मानसिक मज़बूती का बेहतरीन उदाहरण पेश किया है, तो वह नाम है जो रूट। टेस्ट क्रिकेट में इंग्लैंड की रीढ़ माने जाने वाले रूट ने न केवल कप्तान के रूप में टीम को संभाला, बल्कि व्यक्तिगत रूप से भी खुद को विश्व के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज़ों में शामिल किया।
जो रूट का करियर केवल रन बनाने तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने कठिन परिस्थितियों में टीम को संभाला, एशेज जैसे दबाव भरे मुकाबलों में ज़िम्मेदारी निभाई, और समय-समय पर आलोचनाओं का सामना करते हुए खुद को लगातार बेहतर बनाया। सितंबर 2026 तक आते-आते उनके नाम कई ऐसे रिकॉर्ड जुड़ चुके हैं जो कभी सचिन तेंदुलकर के नाम थे।
जो रूट का सबसे मज़बूत फॉर्मेट, टेस्ट क्रिकेट
अगर आंकड़े और प्रभाव दोनों को देखा जाए, तो जो रूट का सर्वश्रेष्ठ फॉर्मेट टेस्ट क्रिकेट ही है। इसकी कुछ साफ वजहें हैं। नई गेंद और स्पिन, दोनों के खिलाफ उनकी तकनीक बेहतरीन है। लंबे समय तक क्रीज पर टिके रहने की उनकी क्षमता किसी भी गेंदबाज़ी आक्रमण को थका देती है। इसके अलावा विदेशी ज़मीन पर भी उनका प्रदर्शन लगातार शानदार रहा है, और कप्तानी के भारी दबाव के बावजूद उनका रन बनाने का सिलसिला कभी नहीं टूटा।
रूट ने भारत, ऑस्ट्रेलिया, श्रीलंका और दक्षिण अफ्रीका जैसी कठिन पिचों पर भी शतक लगाए हैं, जो किसी भी बल्लेबाज़ की असली परीक्षा मानी जाती हैं।
जो रूट के कुल अंतरराष्ट्रीय शतक
जो रूट के नाम अब तक कुल 60 अंतरराष्ट्रीय शतक दर्ज हैं। इसमें 41 टेस्ट शतक और 19 वनडे शतक शामिल हैं। टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनके नाम अभी तक कोई शतक नहीं है, क्योंकि 2019 के बाद से उन्हें इस फॉर्मेट में मौका ही नहीं मिला।
टेस्ट शतकों के मामले में यह आंकड़ा उन्हें रिकी पॉन्टिंग के साथ संयुक्त रूप से इतिहास के तीसरे सबसे सफल शतकवीर के तौर पर खड़ा करता है। सिर्फ सचिन तेंदुलकर, 51 शतकों के साथ, अभी भी उनसे आगे हैं।
जो रूट के टेस्ट शतकों की एक झलक
रूट का पहला टेस्ट शतक न्यूज़ीलैंड के खिलाफ हेडिंग्ले में आया था, और उनका 41वां शतक इस साल जनवरी में सिडनी में 160 रन की पारी के रूप में आया, जिसने उन्हें रिकी पॉन्टिंग के बराबर ला खड़ा किया। लंबे समय तक उनके करियर में एक कमी बनी रही, ऑस्ट्रेलिया की धरती पर शतक न लगा पाना। 2025-26 की एशेज सीरीज़ में रूट ने आखिरकार यह कमी भी दूर कर दी और ब्रिस्बेन तथा सिडनी में शतक जड़कर आलोचकों को चुप करा दिया।
रूट के सबसे ज़्यादा टेस्ट शतक भारत के खिलाफ आए हैं, जो उनकी स्पिन के खिलाफ बेहतरीन तकनीक का सबूत है।
वनडे शतक, इंग्लैंड के लिए एक रिकॉर्ड
वनडे क्रिकेट में जो रूट के नाम 19 शतक हैं, जो किसी भी इंग्लिश बल्लेबाज़ के लिए सबसे ज़्यादा है। उनका सर्वोच्च वनडे स्कोर 166 रन नाबाद है, जो उन्होंने वेस्टइंडीज़ के खिलाफ बनाया था। दिलचस्प बात यह है कि 2020 में वनडे क्रिकेट से दूरी बनाने के बाद रूट 2025 में चैंपियंस ट्रॉफी के लिए वापस टीम में लौटे, और तब से उनका यह आंकड़ा फिर बढ़ना शुरू हुआ है।
टी20 अंतरराष्ट्रीय में शतक अब भी दूर
टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में जो रूट ने अभी तक कोई शतक नहीं बनाया है। उन्होंने आखिरी बार मई 2019 में पाकिस्तान के खिलाफ इस फॉर्मेट में इंग्लैंड के लिए खेला था। कुल 32 टी20 मैचों में उनके नाम 893 रन हैं, औसत करीब 35.72 का, और सर्वोच्च स्कोर 90 रन नाबाद रहा है। तब से चयनकर्ताओं ने टी20 टीम में पावर-हिटर्स को प्राथमिकता दी, और रूट ने अपना पूरा फोकस टेस्ट और वनडे क्रिकेट पर केंद्रित कर लिया।
जो रूट के करियर के पूरे आंकड़े (12 सितंबर 2026 तक)
| फॉर्मेट | मैच | रन | औसत | शतक | अर्धशतक |
|---|---|---|---|---|---|
| टेस्ट | 169 | 14,278 | 50.45 | 41 | 69 |
| वनडे | 189 | 7,577 से ज़्यादा | करीब 47 | 19 | 40 के आसपास |
| टी20 | 32 | 893 | 35.72 | 0 | 5 |
टेस्ट क्रिकेट में उनका सर्वोच्च स्कोर 262 रन है। यही फॉर्मेट है जहां रूट का असली जादू दिखता है, और यही वजह है कि उन्हें आज इंग्लैंड का सबसे बड़ा टेस्ट बल्लेबाज़ माना जाता है।
जो रूट की गेंदबाज़ी में भूमिका
जो रूट सिर्फ बल्लेबाज़ नहीं बल्कि एक उपयोगी पार्ट टाइम ऑफ स्पिनर भी हैं। टेस्ट क्रिकेट में उनके नाम 60 से ज़्यादा विकेट हैं, जिसमें उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 5 विकेट के आसपास रहा है। वनडे में भी उनके नाम 25 से ज़्यादा विकेट दर्ज हैं। पार्ट टाइम गेंदबाज़ होने के बावजूद रूट कई मौकों पर टीम को अहम ब्रेकथ्रू दिलाते रहे हैं।
फील्डिंग में भी रूट स्लिप कॉर्डन में बेहतरीन रिफ्लेक्स कैच लेने के लिए जाने जाते हैं। उनके नाम 170 से ज़्यादा अंतरराष्ट्रीय कैच दर्ज हैं, और वे इंग्लैंड के सबसे भरोसेमंद फील्डरों में गिने जाते हैं।
एशेज में जो रूट का प्रदर्शन
एशेज सीरीज़, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच होने वाला क्रिकेट का सबसे बड़ा मुकाबला, हमेशा से किसी भी इंग्लिश बल्लेबाज़ की असली परीक्षा रही है। रूट ने घरेलू एशेज में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है, लेकिन ऑस्ट्रेलिया की तेज़ और उछाल भरी पिचों पर शतक जड़ना उनके लिए वर्षों तक चुनौती बना रहा। 2025-26 की एशेज सीरीज़ में उन्होंने आखिरकार यह कमी पूरी की और ब्रिस्बेन तथा सिडनी टेस्ट में शतक लगाकर यह साबित कर दिया कि उनकी तकनीक अब हर परिस्थिति के लिए तैयार है।
जो रूट की कुछ यादगार पारियां
रूट के करियर में कई पारियां ऐसी रही हैं जो लंबे समय तक याद रखी जाएंगी। पाकिस्तान के खिलाफ 2016 में खेली गई 254 रन की कप्तानी पारी, श्रीलंका के खिलाफ स्पिन के सामने खेली गई 228 रन की क्लास पारी, चेन्नई में भारत के खिलाफ टर्निंग ट्रैक पर खेली गई 218 रन की मास्टरक्लास, और 2021 में भारत के खिलाफ अकेले संघर्ष करते हुए बनाए गए 186 रन, ये सभी पारियां उनकी काबिलियत का सबूत हैं।
संघर्ष का वह दौर जब आलोचनाएं बढ़ीं
क्रिकेट करियर कभी सीधी रेखा में नहीं चलता, और रूट का करियर भी इसका अपवाद नहीं रहा। 2018 और 2019 के दौरान उनका टेस्ट औसत गिर गया, शतक आना बंद हो गए, और कप्तानी का दबाव भी लगातार बढ़ता गया। लेकिन रूट ने हार नहीं मानी। उन्होंने अपनी तकनीक में बदलाव किया, कवर ड्राइव पर बेहतर नियंत्रण हासिल किया, स्ट्राइक रोटेशन पर ज़्यादा फोकस किया, और आखिरकार 2021 में अपने करियर का सबसे शानदार साल निकाला। इसी दौर ने रूट को वह खिलाड़ी बनाया जो आज नज़र आता है।
जो रूट बनाम सचिन तेंदुलकर
दोनों की सीधी तुलना करना मुश्किल है क्योंकि दोनों अलग-अलग युग और अलग-अलग परिस्थितियों में खेले हैं, लेकिन आंकड़े फिर भी एक दिलचस्प तस्वीर पेश करते हैं।
| खिलाड़ी | टेस्ट मैच | रन | औसत | शतक |
|---|---|---|---|---|
| सचिन तेंदुलकर | 200 | 15,921 | 53.78 | 51 |
| जो रूट | 169 | 14,278 | 50.45 | 41 |
रूट को सचिन के 15,921 रन के विश्व रिकॉर्ड को तोड़ने के लिए अभी भी करीब 1,650 रन और बनाने होंगे। अगर उनकी मौजूदा फॉर्म और फिटनेस आने वाले सालों में भी बनी रहती है, तो यह रिकॉर्ड भी उनकी पहुंच से बाहर नहीं है। हाल ही में रूट ने सचिन के दो और बड़े रिकॉर्ड तोड़े हैं, टेस्ट करियर में सबसे ज़्यादा अर्धशतक (69, तेंदुलकर के 68 के मुकाबले) और चौथी पारी में सबसे ज़्यादा रन (1,630, तेंदुलकर के 1,625 के मुकाबले)। यह दिखाता है कि रूट धीरे-धीरे टेस्ट क्रिकेट के हर बड़े रिकॉर्ड के करीब पहुंच रहे हैं।
जो रूट की बड़ी उपलब्धियां
रूट इंग्लैंड के लिए सबसे ज़्यादा टेस्ट रन बनाने वाले बल्लेबाज़ हैं। उन्होंने 2021 में एक कैलेंडर ईयर में 1700 से ज़्यादा टेस्ट रन बनाए थे। उनके नाम टेस्ट क्रिकेट में लगातार पांच शतक लगाने का भी रिकॉर्ड है। वे भारत में टेस्ट शतक लगाने वाले चुनिंदा विदेशी बल्लेबाज़ों में शामिल हैं। इसके अलावा उन्हें 2021 में आईसीसी टेस्ट प्लेयर ऑफ द ईयर और विज़्डन लीडिंग क्रिकेटर इन द वर्ल्ड का सम्मान भी मिल चुका है। और अब सितंबर 2026 में वे टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में सबसे ज़्यादा अर्धशतक लगाने वाले बल्लेबाज़ भी बन चुके हैं।
मौजूदा फॉर्म
टेस्ट क्रिकेट में रूट आज भी इंग्लैंड की बल्लेबाज़ी की रीढ़ बने हुए हैं। स्पिन के अनुकूल परिस्थितियों में वे टीम के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज़ हैं, और दबाव वाली पारियां खेलने में उनका कोई सानी नहीं है। वनडे क्रिकेट से लंबी दूरी बनाने के बाद उन्होंने टेस्ट क्रिकेट पर जो फोकस किया, उसका नतीजा उनके आंकड़ों में साफ दिखता है। जो रूट सिर्फ एक रन मशीन नहीं बल्कि क्रिकेटिंग समझ, स्वभाव और अनुकूलन क्षमता की एक मिसाल हैं, और मौजूदा दौर के फैब फोर में वे सबसे निरंतर खिलाड़ी साबित हुए हैं।
अगर फिटनेस आगे भी बनी रही, तो जो रूट टेस्ट क्रिकेट के इतिहास के सबसे महान बल्लेबाज़ों में गिने जा सकते हैं, और शायद वह दिन भी दूर नहीं जब वे सचिन तेंदुलकर के रन रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दें।





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