IPL Glory — Cricket Stats, Records & Match Analysis
Home › Cricket legends Records › स्टीव स्मिथ: वह बल्लेबाज़ जिसकी तकनीक किताबों में नहीं लिखी|Career Stats

स्टीव स्मिथ: वह बल्लेबाज़ जिसकी तकनीक किताबों में नहीं लिखी|Career Stats

IPL Glory January 11, 2026
Steve Smith Australia Test cricket batsman batting in international match

Image Credit: Duncan.c / Wikimedia Commons (CC BY 2.0)

क्रिकेट सिर्फ एक खेल नहीं, एक कला भी है, और जब इस कला की बात होती है तो स्टीव स्मिथ का नाम अपने आप सामने आ जाता है। ऑस्ट्रेलिया जैसे बेहद प्रतिस्पर्धी क्रिकेट देश से निकलकर विश्व क्रिकेट पर राज करना आसान नहीं होता, लेकिन स्मिथ ने अपनी अलग तकनीक, असाधारण मानसिक मज़बूती और हर परिस्थिति में ढल जाने की क्षमता से यह कर दिखाया।

सिडनी में जन्मे इस बल्लेबाज़ ने साबित किया कि टेस्ट क्रिकेट के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज़ों में शामिल होने के लिए किताबी तकनीक ज़रूरी नहीं है। उनका असामान्य स्टांस, क्रीज़ पर लगातार हिलना-डुलना और गेंद को आखिरी पल तक देखकर खेलना, यही सब मिलकर उन्हें बाकी बल्लेबाज़ों से बिल्कुल अलग बनाता है। आधुनिक क्रिकेट के तेज़ और आक्रामक दौर में भी स्मिथ का धैर्य और फोकस उन्हें एक असली कलाकार का दर्जा देता है।

एक नज़र में परिचय

स्टीवन पीटर डेवरॉक्स स्मिथ का जन्म 2 जून 1989 को सिडनी में हुआ था। वे दाएं हाथ के शीर्षक्रम बल्लेबाज़ हैं और ज़रूरत पड़ने पर लेग स्पिन गेंदबाज़ी भी कर लेते हैं। दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने अपना करियर एक लेग स्पिनर के तौर पर शुरू किया था, जो नंबर आठ पर बल्लेबाज़ी करता था, और बाद में यही खिलाड़ी डॉन ब्रैडमैन के बाद ऑस्ट्रेलिया का सबसे बड़ा बल्लेबाज़ बनकर उभरा।

टेस्ट क्रिकेट, निरंतरता की मिसाल

स्मिथ का टेस्ट करियर अविश्वसनीय निरंतरता की कहानी है। उन्होंने अब तक 123 मैचों में 10,763 रन बनाए हैं, 56 के औसत से, जो दस हज़ार से ज़्यादा रन बनाने वाले किसी भी बल्लेबाज़ के लिए सबसे बेहतरीन औसतों में गिना जाता है। उनके नाम अब 37 टेस्ट शतक और 44 अर्धशतक दर्ज हैं, और उनका सर्वोच्च स्कोर इंग्लैंड के खिलाफ बनाए गए 239 रन हैं। जनवरी 2025 में श्रीलंका के खिलाफ गॉल में उन्होंने दस हज़ार टेस्ट रन का आंकड़ा पार किया, और यह उपलब्धि हासिल करने वाले वे दुनिया के चौदहवें और ऑस्ट्रेलिया के चौथे बल्लेबाज़ बने, रिकी पॉन्टिंग, एलन बॉर्डर और स्टीव वॉ के बाद।

स्मिथ का सबसे शानदार रिकॉर्ड इंग्लैंड और भारत के खिलाफ रहा है। उन्होंने एशेज सीरीज़ में इंग्लैंड के खिलाफ 13 शतक लगाए हैं, जो डॉन ब्रैडमैन के 19 शतकों के बाद दूसरा सबसे बड़ा आंकड़ा है। भारत के खिलाफ भी उनके नाम 11 शतक दर्ज हैं, जो किसी भी विदेशी बल्लेबाज़ द्वारा भारत के खिलाफ बनाए गए सबसे ज़्यादा टेस्ट शतक हैं। 2019 में इंग्लैंड में एशेज सीरीज़ के दौरान उन्होंने अकेले दम पर 774 रन बनाए थे, जिसमें तीन शतक शामिल थे।

एजबेस्टन 2019, करियर की सबसे भावुक पारी

अगर स्मिथ के करियर की एक पारी चुननी हो जो सबसे ज़्यादा याद की जाती है, तो वह अगस्त 2019 में एजबेस्टन में इंग्लैंड के खिलाफ खेली गई पारी है। यह उनके एक साल के प्रतिबंध के बाद पहला टेस्ट मैच था, और पूरा स्टेडियम उनकी हूटिंग कर रहा था। ऑस्ट्रेलिया की शुरुआत बेहद खराब रही, सिर्फ 122 रन पर 8 विकेट गिर चुके थे और टीम डेढ़ सौ के अंदर सिमटती दिख रही थी। ऐसे नाज़ुक हालात में स्मिथ ने निचले क्रम के बल्लेबाज़ों के साथ मिलकर अकेले लड़ाई लड़ी और टीम को 284 रन तक पहुंचाया। उन्होंने पहली पारी में 144 और दूसरी पारी में 142 रन बनाए, जिसके दम पर ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड को 251 रनों के बड़े अंतर से हराया और आगे चलकर एशेज सीरीज़ को बरकरार रखा। यह पारी सिर्फ आंकड़ों के लिए नहीं, बल्कि एक विवादित दौर के बाद वापसी की मिसाल के तौर पर हमेशा याद रखी जाएगी।

वनडे क्रिकेट, दो विश्व कप जीत का हिस्सा

स्मिथ ने एक स्पेशलिस्ट बल्लेबाज़ के तौर पर ऑस्ट्रेलिया की दो विश्व कप जीत, 2015 और 2023 में अहम भूमिका निभाई। उनके वनडे करियर के आंकड़े भी प्रभावशाली हैं, 170 मैचों में 5,800 रन, 43 के औसत से, 12 शतक और 35 अर्धशतक के साथ, और उनका सर्वोच्च स्कोर न्यूज़ीलैंड के खिलाफ बनाए गए 164 रन हैं।

उनकी सबसे यादगार वनडे पारी 2015 विश्व कप के सेमीफाइनल में भारत के खिलाफ सिडनी में आई थी, जहां उन्होंने सिर्फ 93 गेंदों पर 105 रन बनाकर ऑस्ट्रेलिया को 328 रन के विशाल स्कोर तक पहुंचाया। भारत यह लक्ष्य हासिल नहीं कर पाया और ऑस्ट्रेलिया इसी जीत के दम पर फाइनल में पहुंचा, जहां उसने न्यूज़ीलैंड को हराकर अपना पांचवां विश्व कप जीता। मार्च 2025 में चैंपियंस ट्रॉफी के सेमीफाइनल में हार के बाद स्मिथ ने वनडे क्रिकेट से संन्यास ले लिया, और अब उनका पूरा ध्यान टेस्ट क्रिकेट और टी20 लीगों पर केंद्रित है।

कप्तानी और विवाद के बाद की वापसी

स्मिथ का कप्तानी करियर शानदार रहा है, भले ही इसमें सैंडपेपर विवाद की वजह से उतार-चढ़ाव भी आए। उन्होंने 38 टेस्ट मैचों में ऑस्ट्रेलिया की कप्तानी की, जिसमें 21 जीत और सिर्फ 10 हार मिली, यानी उनका जीत प्रतिशत साढ़े सड़सठ रहा, जो उन्हें ऑस्ट्रेलिया के सबसे सफल कप्तानों में शामिल करता है। उनकी कप्तानी में ऑस्ट्रेलिया ने 2017-18 की एशेज सीरीज़ 4-0 से जीती थी। विवाद और प्रतिबंध के बाद उन्होंने कप्तानी की कुर्सी खोई, लेकिन पैट कमिंस के उप-कप्तान के तौर पर वे आज भी टीम की अहम रणनीतिक आवाज़ बने हुए हैं।

फ्रेंचाइज़ी क्रिकेट और आगे की राह

स्मिथ दुनियाभर की टी20 लीगों में एक अनुभवी और भरोसेमंद नाम रहे हैं। उन्होंने आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स, राइज़िंग पुणे सुपरजायंट और दिल्ली कैपिटल्स जैसी टीमों के लिए खेला है, हालांकि 2026 आईपीएल की नीलामी में वे किसी भी टीम द्वारा नहीं खरीदे गए, जो उनके फ्रेंचाइज़ी करियर के एक नए मोड़ की तरफ इशारा करता है। इसके उलट बिग बैश लीग में सिडनी सिक्सर्स के लिए वे आज भी उतने ही घातक हैं, हाल ही में उन्होंने पर्थ स्कॉर्चर्स के खिलाफ सिर्फ 58 गेंदों में शतक जड़कर दिखा दिया कि टी20 फॉर्मेट में भी उनकी धार कम नहीं हुई है। स्मिथ ने यह इच्छा भी ज़ाहिर की है कि वे 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक में ऑस्ट्रेलियाई टी20 टीम का हिस्सा बनकर स्वर्ण पदक जीतना चाहते हैं।

एक अदम्य वापसी की कहानी

स्टीव स्मिथ का करियर हिम्मत और पुनरागमन की कहानी है। एक साल के प्रतिबंध के बाद जिस तरह उन्होंने एजबेस्टन में वापसी की, वह क्रिकेट इतिहास के सबसे बड़े पलों में गिना जाता है। वे डॉन ब्रैडमैन के बाद दूसरे सबसे तेज़ तीस से ज़्यादा टेस्ट शतक लगाने वाले बल्लेबाज़ हैं। सैंतीस साल की उम्र में भी उनकी फिटनेस और रन बनाने की भूख बरकरार है, हाल की एशेज सीरीज़ में सिडनी में उन्होंने अपना 37वां टेस्ट शतक लगाकर यह साबित भी कर दिया। स्मिथ सिर्फ एक रन मशीन नहीं, बल्कि खेल के प्रति उनका समर्पण और उनकी अनोखी तकनीक उन्हें आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मिसाल बनाती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

↑