दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में आज यानी सत्रह सितंबर को भारतीय क्रिकेट के इतिहास में एक नया अध्याय लिख दिया गया। अफगानिस्तान के खिलाफ सीरीज के तीसरे और आखिरी टी20 मुकाबले में भारतीय ओपनर अभिषेक शर्मा ने ऐसी बल्लेबाजी की कि पूरा स्टेडियम हैरान रह गया। सीरीज पहले ही भारत के नाम हो चुकी थी और यह मुकाबला महज औपचारिकता माना जा रहा था, लेकिन अभिषेक ने अपने बल्ले से इसे यादगार बना दिया। महज तीस गेंदों में शतक जड़कर उन्होंने रोहित शर्मा का वह रिकॉर्ड तोड़ दिया जो पिछले नौ सालों से भारतीय क्रिकेट में सबसे तेज शतक के तौर पर दर्ज था।
कैसे शुरू हुआ तूफान
टॉस अफगानिस्तान के कप्तान इब्राहिम जादरान ने जीता और पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। यह फैसला कुछ ही मिनटों में उन पर भारी पड़ गया। संजू सैमसन के साथ पारी की शुरुआत करने उतरे अभिषेक शर्मा ने पहले ओवर से ही आक्रामक इरादे दिखाने शुरू कर दिए। फजलहक फारूकी की गेंदों पर उन्होंने खुलकर शॉट खेलने शुरू किए और देखते ही देखते भारतीय टीम ने सिर्फ सात ओवर में सौ रन का आंकड़ा पार कर लिया, जो अपने आप में इस सीरीज की सबसे तेज शुरुआतों में से एक रही।
अभिषेक ने अपना अर्धशतक महज सोलह गेंदों में पूरा किया। यह भारत के लिए टी20 इंटरनेशनल में संयुक्त रूप से तीसरा सबसे तेज अर्धशतक है, जिसमें वह हार्दिक पंड्या के साथ बराबरी पर हैं। इस सूची में सबसे ऊपर युवराज सिंह का बारह गेंदों में बनाया गया विश्व रिकॉर्ड अर्धशतक है, जो दो हजार सात के टी20 वर्ल्ड कप में इंग्लैंड के खिलाफ आया था। दूसरे नंबर पर खुद अभिषेक शर्मा हैं, जिन्होंने इसी साल की शुरुआत में इंग्लैंड के खिलाफ चौदह गेंदों में अर्धशतक जड़ा था। इसके साथ ही यह अफगानिस्तान के खिलाफ किसी भी भारतीय बल्लेबाज का सबसे तेज अर्धशतक भी बन गया।
शतक का वह ऐतिहासिक पल
अर्धशतक के बाद भी अभिषेक की रफ्तार जरा भी कम नहीं हुई। राशिद खान और मुजीब उर रहमान जैसे अनुभवी स्पिनरों को भी उन्होंने उसी अंदाज में निशाना बनाया जैसे तेज गेंदबाजों को बनाया था। आखिरकार जब उन्होंने अपना शतक पूरा किया, तब गेंदों की संख्या थी सिर्फ तीस। यह भारतीय क्रिकेट इतिहास में किसी भी बल्लेबाज द्वारा जड़ा गया अब तक का सबसे तेज टी20 इंटरनेशनल शतक है। इससे पहले यह रिकॉर्ड रोहित शर्मा के नाम था, जिन्होंने दो हजार सत्रह में श्रीलंका के खिलाफ पैंतीस गेंदों में शतक जड़ा था और साउथ अफ्रीका के डेविड मिलर के साथ यह रिकॉर्ड साझा किया था। नौ साल तक कायम रहा यह रिकॉर्ड आज अभिषेक शर्मा के बल्ले के सामने टूट गया।
खास बात यह है कि यह सिर्फ भारतीय रिकॉर्ड नहीं है। टेस्ट खेलने वाले पूर्ण सदस्य देशों के किसी भी बल्लेबाज का यह अब तक का सबसे तेज टी20 इंटरनेशनल शतक है। इससे पहले न्यूजीलैंड के फिन एलन ने इसी साल टी20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में साउथ अफ्रीका के खिलाफ तैंतीस गेंदों में शतक जड़कर यह रिकॉर्ड अपने नाम किया था, जिसे अभिषेक ने आज पीछे छोड़ दिया। हालांकि टी20 इंटरनेशनल के सबसे तेज शतक का समग्र विश्व रिकॉर्ड अब भी एस्टोनिया के सहिल चौहान के नाम है, जिन्होंने साइप्रस के खिलाफ सत्ताईस गेंदों में शतक जड़ा था, लेकिन बड़ी क्रिकेट खेलने वाली टीमों के बीच अभिषेक की यह पारी सबसे तेज साबित हुई है।
आखिर कैसे आउट हुए अभिषेक
अभिषेक शर्मा आखिरकार राशिद खान की गेंद पर रहमानुल्लाह गुरबाज के हाथों कैच आउट हुए। जब वह पवेलियन लौटे, तब उनके नाम एक सौ आठ रन दर्ज हो चुके थे, वह भी सिर्फ चौंतीस गेंदों में। इस पारी में उन्होंने नौ चौके और ग्यारह छक्के लगाए, जिसकी बदौलत उनका स्ट्राइक रेट तीन सौ सत्रह के पार पहुंच गया। उनके आउट होने तक भारतीय टीम का स्कोर एक विकेट पर एक सौ बयालीस रन था, वह भी महज साढ़े नौ ओवर में। यानी टीम का रन रेट उस वक्त चौदह से भी ज्यादा का था, जो अपने आप में इस बात का सबूत है कि अफगान गेंदबाजों के पास इस आंधी को रोकने का कोई जवाब नहीं था। दूसरे छोर पर संजू सैमसन भी संयम के साथ रन बना रहे थे और अभिषेक के आउट होने तक पच्चीस गेंदों में चौंतीस रन बनाकर नाबाद थे।
अभिषेक शर्मा का यह साल क्यों खास रहा है
यह पारी अचानक आई कोई चमक नहीं है, बल्कि पिछले कुछ सालों से अभिषेक शर्मा जिस तरह की निरंतरता दिखा रहे हैं, उसी का नतीजा है। इसी साल मार्च में अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 वर्ल्ड कप के फाइनल में भारत की जीत में उनका बड़ा योगदान रहा था। इसके बाद से वह लगातार आईसीसी की टी20 इंटरनेशनल बल्लेबाजी रैंकिंग में नंबर एक स्थान पर बने हुए हैं। हाल ही में वह टी20 क्रिकेट में छह हजार रन तक पहुंचने वाले दूसरे सबसे तेज बल्लेबाज भी बने थे, आंद्रे रसेल और टिम डेविड जैसे दिग्गजों को पीछे छोड़ते हुए। उनके नाम पच्चीस गेंदों या उससे कम में सबसे ज्यादा अर्धशतक जड़ने का भी रिकॉर्ड है, जो किसी भी टी20 इंटरनेशनल बल्लेबाज से ज्यादा है।
अफगानिस्तान के खिलाफ इस सीरीज में भी वह लगातार अच्छी फॉर्म में दिखे। पहले मुकाबले में उन्होंने बत्तीस गेंदों में बयासी रन बनाए थे, जिसमें सात चौके और सात छक्के शामिल थे। दूसरे मुकाबले में उन्नीस गेंदों में उन्तालीस रन बनाकर उन्होंने टीम को तेज शुरुआत दिलाई थी। और अब तीसरे मुकाबले में शतक जड़कर उन्होंने साबित कर दिया कि वह इस समय दुनिया के सबसे खतरनाक टी20 बल्लेबाजों में से एक हैं। खास बात यह भी है कि राशिद खान के खिलाफ उनका रिकॉर्ड शानदार रहा है, जिनके खिलाफ वह दो सौ से ज्यादा के स्ट्राइक रेट से रन बनाते आए हैं।
आंकड़ों की जुबानी: आज की पारी की खास बातें
अगर आज की पारी को आंकड़ों की नजर से देखें तो कई रिकॉर्ड एक साथ टूटते नजर आए। सबसे पहले तो यह भारत के लिए सबसे तेज टी20 इंटरनेशनल शतक है, जिसने रोहित शर्मा के नौ साल पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। दूसरा, यह टेस्ट खेलने वाले पूर्ण सदस्य देशों के किसी भी बल्लेबाज का सबसे तेज टी20 इंटरनेशनल शतक भी है। तीसरा, सोलह गेंदों का उनका अर्धशतक भारत के लिए संयुक्त रूप से तीसरा सबसे तेज है। चौथा, यह अफगानिस्तान के खिलाफ किसी भारतीय बल्लेबाज की अब तक की सबसे तेज पारियों में शुमार है। और पांचवां, ग्यारह छक्कों के साथ यह पारी अभिषेक के करियर की सबसे विस्फोटक पारियों में से एक बन गई है।
निष्कर्ष
अभिषेक शर्मा की यह पारी सिर्फ आंकड़ों का खेल नहीं है, बल्कि इस बात का सबूत है कि भारतीय टी20 बल्लेबाजी अब पूरी तरह एक नए युग में प्रवेश कर चुकी है। जिस तरह उन्होंने अनुभवी अफगान गेंदबाजी आक्रमण को तहस-नहस किया, वह दिखाता है कि दबाव या मौके की अहमियत उनके खेल को जरा भी प्रभावित नहीं करती। भले ही यह मुकाबला सीरीज के लिहाज से एक औपचारिकता था, लेकिन अभिषेक शर्मा ने इसे अपने करियर के सबसे यादगार दिनों में से एक बना दिया। आने वाले समय में जब भी भारत के सबसे तेज टी20 शतकों की बात होगी, अभिषेक शर्मा का नाम सबसे ऊपर लिया जाएगा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
अभिषेक शर्मा ने कितनी गेंदों में शतक बनाया?
अभिषेक शर्मा ने अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे टी20 इंटरनेशनल में महज तीस गेंदों में शतक पूरा किया, जो भारत के लिए अब तक का सबसे तेज टी20 इंटरनेशनल शतक है।
अभिषेक शर्मा ने किसका रिकॉर्ड तोड़ा?
उन्होंने रोहित शर्मा का रिकॉर्ड तोड़ा, जिन्होंने दो हजार सत्रह में श्रीलंका के खिलाफ पैंतीस गेंदों में शतक जड़ा था। यह रिकॉर्ड डेविड मिलर के साथ साझा था और नौ साल तक कायम रहा।
क्या यह विश्व रिकॉर्ड भी है?
यह टी20 इंटरनेशनल के समग्र विश्व रिकॉर्ड से अलग है, जो एस्टोनिया के सहिल चौहान के नाम सत्ताईस गेंदों का है। लेकिन टेस्ट खेलने वाले पूर्ण सदस्य देशों में यह अब तक का सबसे तेज टी20 इंटरनेशनल शतक है।





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