दुबई के मैदान पर एक बार फिर वही हुआ जो हर बार होता है, जब भारत और पाकिस्तान की महिला टीमें आमने-सामने आती हैं। मुकाबला शुरू होते ही एकतरफा हो गया और पाकिस्तान की टीम सिर्फ 55 रन पर ढेर हो गई। भारत ने इस टारगेट को 8.4 ओवर में ही, 7 विकेट शेष रहते हुए हासिल कर लिया। मैच खत्म होने में इतना कम वक्त लगा कि दर्शकों को अपनी सीट गरम करने का मौका भी नहीं मिला।
बड़े मुकाबले से पहले क्या थी उम्मीदें
जब भी भारत और पाकिस्तान की टीमें आपस में भिड़ती हैं, फैंस को एक कांटे की टक्कर की उम्मीद रहती है। महिला क्रिकेट में भी यह रोमांच किसी से कम नहीं होता। पाकिस्तान की टीम हाल के दिनों में अपने युवा खिलाड़ियों के दम पर कुछ अच्छे प्रदर्शन कर चुकी थी, और उम्मीद थी कि दुबई की धीमी पिच पर वो भारत को टक्कर देने की कोशिश करेगी। लेकिन मैदान पर उतरते ही यह उम्मीद चंद ओवरों में ही टूटकर बिखर गई।
टॉस हारते ही शुरू हो गई पाकिस्तान की मुश्किलें
पाकिस्तान की कप्तान फातिमा सना ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। शायद उन्हें उम्मीद रही होगी कि दुबई की पिच पर रन बनाकर भारत के सामने बड़ा टारगेट रखा जाए। लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने आते ही उस प्लान को धराशायी कर दिया।
पाकिस्तान की शुरुआत ठीक थी। मुनीबा अली और शवाल जुल्फिकार ने मिलकर पारी को संभालने की कोशिश की। मुनीबा ने 15 गेंदों पर 13 रन बनाए, शवाल ने 14 गेंदों पर उतने ही रन जड़े। शुरुआती ओवरों में स्कोरबोर्ड धीरे धीरे आगे बढ़ रहा था और ऐसा लग रहा था कि पाकिस्तान शायद एक सम्मानजनक स्कोर तक पहुंच जाएगी। लेकिन 27 के स्कोर पर मुनीबा का विकेट गिरते ही मानो पूरी टीम भरभराकर गिरने लगी।
श्री चरणी का कहर, तीन झटकों में तोड़ी कमर
अगर इस मैच का असली हीरो कोई है, तो वो हैं श्री चरणी। महज 4 ओवर के अपने स्पेल में उन्होंने 7 रन देकर 3 विकेट झटके। शवाल जुल्फिकार, गुल फिरोजा और आयशा जफर, तीनों ही श्री चरणी की गेंदों को समझ नहीं पाईं और पवेलियन लौट गईं। इतनी शानदार गेंदबाजी की वजह से ही उन्हें मैन ऑफ द मैच चुना गया।
गौर करने वाली बात यह रही कि श्री चरणी ने अपनी लाइन और लेंथ में जरा भी बदलाव नहीं किया। हर गेंद बल्लेबाज को असहज करती रही, और यही वजह रही कि पाकिस्तानी बल्लेबाज बार बार गलत शॉट खेलने पर मजबूर हुईं।
लेकिन सिर्फ श्री चरणी ही नहीं, प्रेमा रावत ने भी 4 ओवर में 9 रन देकर 3 विकेट लिए और दीप्ति शर्मा ने 3.1 ओवर में सिर्फ 5 रन खर्च करके 2 बल्लेबाजों को आउट किया। शफाली वर्मा ने भी एक विकेट लेकर अपनी गेंदबाजी की झलक दिखाई। मतलब साफ है, पूरी भारतीय गेंदबाजी यूनिट ने मिलकर पाकिस्तान की कमर तोड़ दी। यह सिर्फ एक या दो गेंदबाजों का कमाल नहीं था, बल्कि टीम के हर बॉलर ने अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाई।
एक वक्त तो ऐसा भी आया जब पाकिस्तान के छह बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू पाए। गुल फिरोजा और फातिमा सना तो खाता तक नहीं खोल पाईं। सिर्फ तुबा हसन ने 16 गेंदों पर 9 रन बनाकर थोड़ी उम्मीद जगाई, लेकिन तब तक टीम की हालत काफी खराब हो चुकी थी। कप्तान फातिमा सना खुद सिर्फ 7 गेंदों पर बिना खाता खोले आउट हो गईं, जो पाकिस्तान के लिए एक बड़ा झटका साबित हुआ।
आखिरकार पूरी पाकिस्तानी पारी 18.1 ओवर में सिर्फ 55 रन पर सिमट गई। यह स्कोर देखकर ही अंदाजा हो गया था कि मैच का नतीजा क्या होने वाला है। पारी के आखिरी हिस्से में विकेट लगातार गिरते रहे और आखिरी तीन बल्लेबाज मिलकर भी सिर्फ 7 रन जोड़ पाईं।
भारत ने आराम से पूरा किया टारगेट
55 रन का पीछा करना भारत के लिए किसी चुनौती से कम नहीं था, बल्कि यह कहना ज्यादा सही होगा कि यह सिर्फ एक औपचारिकता थी। शफाली वर्मा ने शुरुआत से ही आक्रामक तेवर दिखाए और सिर्फ 6 गेंदों पर 12 रन ठोक डाले, जिसमें एक छक्का भी शामिल था। उनका स्ट्राइक रेट 200 के पार रहा, जो दिखाता है कि उन्होंने पाकिस्तानी गेंदबाजों पर शुरुआत से ही दबाव बनाना शुरू कर दिया था।
स्मृति मंधाना ने भी 11 गेंदों पर 9 रन बनाकर तेजी से रन बटोरे। हालांकि प्रतिका रावल ज्यादा देर टिक नहीं पाईं और सिर्फ 3 गेंदों पर 4 रन बनाकर आउट हो गईं।
फातिमा सना ने पाकिस्तान की तरफ से एक अच्छी वापसी की कोशिश की। उन्होंने शफाली वर्मा, स्मृति मंधाना और प्रतिका रावल, तीनों को आउट करके 3 विकेट अपने नाम किए, और उनकी इकॉनमी भी 5.67 की रही जो पाकिस्तान के लिहाज से सबसे बेहतर रही। लेकिन तब तक भारत का स्कोर इतना आगे बढ़ चुका था कि यह वापसी सिर्फ आंकड़ों तक सीमित रह गई।
कप्तान हरमनप्रीत कौर ने जिम्मेदारी संभालते हुए 18 गेंदों पर नाबाद 18 रन बनाए और दीप्ति शर्मा ने भी 14 गेंदों पर 12 रन बनाकर नाबाद रहते हुए टीम को जीत के करीब पहुंचाया। दोनों ने मिलकर बिना किसी हड़बड़ी के टीम को जीत की दहलीज तक पहुंचा दिया। आखिरकार भारत ने सिर्फ 8.4 ओवर में 3 विकेट खोकर 57 रन बनाकर मैच को अपने नाम कर लिया।
मैच का निचोड़
पाकिस्तान: 55 रन (18.1 ओवर) भारत: 57/3 रन (8.4 ओवर) नतीजा: भारत 7 विकेट से विजयी (68 गेंदें शेष) मैन ऑफ द मैच: श्री चरणी (भारत)
कहां खेला गया मुकाबला
यह मैच दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला गया, जहां पाकिस्तान ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला लिया था, लेकिन यह फैसला उनकी टीम के लिए बिल्कुल भी सही साबित नहीं हुआ। दुबई की पिच पर आमतौर पर गेंदबाजों को थोड़ी मदद मिलती है, और भारतीय गेंदबाजों ने इस बात का पूरा फायदा उठाया।
आगे क्या
भारतीय टीम के लिए यह जीत सिर्फ स्कोरबोर्ड पर नंबर नहीं है, बल्कि यह दिखाती है कि टीम की गेंदबाजी लाइनअप कितनी मजबूत हो चुकी है। श्री चरणी, प्रेमा रावत और दीप्ति शर्मा की तिकड़ी ने मिलकर विरोधी टीम को कभी भी संभलने का मौका ही नहीं दिया। इस तरह की टीम गेंदबाजी प्रदर्शन आगे आने वाले बड़े टूर्नामेंट्स के लिए भारतीय टीम के लिए एक बहुत ही सकारात्मक संकेत है।
दूसरी तरफ पाकिस्तान की टीम के लिए यह हार एक बड़ा सबक लेकर आई है। बल्लेबाजी क्रम में गहराई की कमी साफ नजर आई, और जब टॉप ऑर्डर जल्दी आउट होता है तो मिडिल और लोअर ऑर्डर संभालने में नाकाम रहता है। आने वाले मुकाबलों में पाकिस्तान की टीम मैनेजमेंट को इस पर जरूर काम करना होगा।
ऐसे प्रदर्शन के बाद भारतीय फैंस के लिए आने वाले मुकाबलों को लेकर उम्मीदें और बढ़ गई हैं। अगर टीम इसी तरह की गेंदबाजी और बल्लेबाजी बरकरार रखती है, तो आगे के टूर्नामेंट में भारत का दावा और मजबूत होता नजर आएगा।





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